हल्दी (Turmeric) का चमत्कार: सिरदर्द से छुटकारा पाने का नया तरीका.. Headache Home Remedies – Viral News

आधुनिक जीवनशैली और खानपान के दौरान हमें अक्सर सिरदर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। तनाव और अधिकतर तनाव लेने के कारण लोगों को सिरदर्द का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें राहत प्राप्त करने के लिए विभिन्न तकनीकों की तलाश होती है। हल्दी (Turmeric)  एक ऐसा चमत्कारी उपाय है जो सिरदर्द से छुटकारा प्रदान करने में मदद कर सकता है। आइए जानें कैसे हल्दी का धुंआ आपकी सिरदर्द से मुक्ति दिला सकता है। (Headache Home Remedies)

हल्दी (Turmeric) के गुण:

हल्दी में एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीबायोटिक, एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो सिरदर्द को तुरंत आराम प्रदान कर सकते हैं। यह बिना किसी साइड इफेक्ट के तुंरत राहत प्रदान करने में मदद कर सकता है।

जानिए कैसे करें इस्तेमाल :- आपको चाहिए

हल्दी (Turmeric) का धुंआ:

सामग्री:

  • एक लंबा साफ कॉटन का कपड़ा
  • एक चम्मच हल्दी चूर्ण
  • आधा चम्मच अजवायन चूर्ण
  • थोड़ा सा घी
  • 9-10 इलायची के दाने
  • दीपक

तरीका:

  1. कपड़े को लेकर हल्दी (Turmeric) और अजवायन चूर्ण डालकर अच्छी तरह से फैला लें।
  2. इसमें इलायची डालें और इसे हाथों से मिलाकर बाती बना लें।
  3. बाती को घी में डालकर अच्छी तरह से डुबोलें।
  4. इसे एक दीपक में रखें और उसे जलाएं।
  5. जब कमरे में धुंआ बढ़ जाए, तो उसे बंद करें और धुआं को अपनी दोनों नाकों से अंदर लें।
  6. इसे तब तक करें जब तक आप अच्छी तरह से सांस ले रहे हैं।

इस तकनीक से आपको सिरदर्द से तुरंत राहत मिलेगी और आप अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं।

निरोगी रहने हेतु महामन्त्र

मन्त्र 1 :-

• भोजन व पानी के सेवन प्राकृतिक नियमानुसार करें

• ‎रिफाइन्ड नमक,रिफाइन्ड तेल,रिफाइन्ड शक्कर (चीनी) व रिफाइन्ड आटा ( मैदा ) का सेवन न करें

• ‎विकारों को पनपने न दें (काम,क्रोध, लोभ,मोह,इर्ष्या,)

• ‎वेगो को न रोकें ( मल,मुत्र,प्यास,जंभाई, हंसी,अश्रु,वीर्य,अपानवायु, भूख,छींक,डकार,वमन,नींद,)

• ‎एल्मुनियम बर्तन का उपयोग न करें ( मिट्टी के सर्वोत्तम)

• ‎मोटे अनाज व छिलके वाली दालों का अत्यद्धिक सेवन करें

• ‎भगवान में श्रद्धा व विश्वास रखें

मन्त्र 2 :-

• पथ्य भोजन ही करें ( जंक फूड न खाएं)

• ‎भोजन को पचने दें ( भोजन करते समय पानी न पीयें एक या दो घुट भोजन के बाद जरूर पिये व डेढ़ घण्टे बाद पानी जरूर पिये)

• ‎सुबह उठेते ही 2 से 3 गिलास गुनगुने पानी का सेवन कर शौच क्रिया को जाये

• ‎ठंडा पानी बर्फ के पानी का सेवन न करें

• ‎पानी हमेशा बैठ कर घुट घुट कर पिये

• ‎बार बार भोजन न करें आर्थत एक भोजन पूर्णतः पचने के बाद ही दूसरा भोजन करें

उस भोजन को ग्रहण कदापि न करें जिसे बनते हुए सूर्य प्रकाश न मिला हो अर्थात (कुकर का, फ्रीज़ का रखा व माइक्रोवेव का बना हो)

भाई राजीव दीक्षित जी के सपने स्वस्थ समृद्ध स्वदेशी स्वावलंबी स्वाभिमानी परिवार समाज भारत राष्ट्र के निर्माण में एक पहल आप सब भी अपने अपने जीवन मे भाई राजीव दीक्षित जी के व्यख्यानों को अवश्य सुनें व यथसम्भव प्रचार प्रसार करें

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