नयी दिल्ली । देश में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 47.8 प्रतिशत बढ़कर 16.17 अरब डॉलर रहा। सेवा, कंप्यूटर, दूरसंचार और औषधि क्षेत्रों में बेहतर पूंजी प्रवाह से एफडीआई बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इससे पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में अप्रैल-जून के दौरान एफडीआई प्रवाह 10.94 अरब डॉलर था। आंकड़ों के अनुसार, मई में विदेशी निवेश बढ़कर 5.85 अरब डॉलर और जून में 5.41 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में क्रमशः 2.67 अरब डॉलर और 3.16 अरब डॉलर था।
एफडीआई प्रवाह अप्रैल में मामूली गिरावट के साथ 4.91 अरब डॉलर रहा जो एक साल पहले इसी महीने में 5.1 अरब डॉलर था। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आंकड़ों के अनुसार, कुल एफडीआई प्रवाह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 28 प्रतिशत बढ़कर 22.49 अरब डॉलर रहा, जो बीते वित्त वर्ष 2023-24 में अप्रैल-जून में 17.56 अरब डॉलर था। कुल एफडीआई प्रवाह में इक्विटी प्रवाह, पुनर्निवेश आय और अन्य पूंजी शामिल है। इस अवधि के दौरान, मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, नीदरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, केमैन द्वीप और साइप्रस सहित प्रमुख देशों से एफडीआई इक्विटी प्रवाह बढ़ा।
हालांकि, जापान, ब्रिटेन और जर्मनी से एफडीआई में कमी आई। क्षेत्रवार देखा जाए तो सेवा, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, दूरसंचार, औषधि और रसायन क्षेत्र में पूंजी प्रवाह बढ़ा। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान महाराष्ट्र को सबसे अधिक 8.48 अरब डॉलर का पूंजी निवेश प्राप्त हुआ। इसके बाद कर्नाटक (2.28 अरब डॉलर), तेलंगाना (1.08 अरब डॉलर) और गुजरात (1.02 अरब डॉलर) का स्थान रहा। दिल्ली और राजस्थान में पिछले साल की तुलना में एफडीआईमें गिरावट आई है।
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